गुप्त नवरात्रि के पहले दिन पितृ पर्वत पर संत बैठे, कलश सामने। 6 जुलाई 2024। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, इंदौर ने पौधरोपण को जनआंदोलन बना दिया है। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के क्रम में शहर में 51 लाख पौधे लगाने का अभियान उसी दिन शुरू बताया। मोहन यादव तब मुख्यमंत्री हैं; यह उनकी सरकार का शहर-स्तरीय हरित अभियान है।
विजयवर्गीय ने कहा, पितृ पर्वत पर पहले लगे तीन लाख पौधों से तापमान भी घटा है। यह उनके भाषण का दावा है; थर्मामीटर की टेबल विज्ञप्ति में नहीं। 14 जुलाई तक व्यापक रोपण, रेवती रेंज में एक साथ 11 लाख—ये कार्यक्रम की तारीखें हैं। उस दिन कितने गड्ढे भरे, यह 6 जुलाई की खबर नहीं गिनती।
महापौर ने क्या गिना?
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, संकल्प से सिद्धि मिलती है; बंजर भूमि पर तीन लाख से अधिक पौधे जीवित हैं। राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेशनाथ महाराज ने हर परिवार से पौधा और रोज़ जल अर्पण का आग्रह किया। मंच पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पद्मश्री जनक पल्टा, विधायक रमेश मेंदोला और संत समाज थे।
तस्वीर मंडप की है
नारंगी वस्त्र, संत, कलश, जनप्रतिनिधि। यह रेवती रेंज के 11 लाख का मैदान नहीं, शुभारंभ का मंडप है। 51 लाख लक्ष्य है, उस सुबह की गिनती नहीं।
मुख्य बातें
- अभियान 14 जुलाई 2024 तक चलने वाला लिखा गया; रेवती रेंज में 11 लाख एक साथ।
- पितृ पर्वत पर पहले लगे तीन लाख पौधों से तापमान घटने का मंत्री का बयान; माप इस विज्ञप्ति में नहीं।
- शुभारंभ संतों और जनप्रतिनिधियों के साथ हुआ; तस्वीर उसी मंडप की है।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · पौध-रोपण अभियान को इंदौर ने जन-आंदोलन बनाया है: उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ↗6 जुलाई 2024
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



